सोलन शहर का जतोली मंदिर, एशिया का सबसे ऊंचा और कला का बेजोड़ नमूना - DDEE SOLAN
Searching...
Thursday, January 7, 2021

सोलन शहर का जतोली मंदिर, एशिया का सबसे ऊंचा और कला का बेजोड़ नमूना

07 January

पौराणिक मान्यता है कि भगवान शिव कुछ समय के लिए यहां पर रुके थे । बाद में एक सिद्ध बाबा स्वामी कृष्णानंद परमहंस ने 1950 में यहां आकर तपस्या की। जिनके मार्गदर्शन और दिशा-निर्देश पर ही यहां मंदिर का निर्माण शुरू हुआ। 
ऐसा माना जाता है कि यहां के लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ा था, जिसे देखते हुए स्वामी जी ने भगवान शिव की घोर तपस्या को और त्रिशूल के प्रहार से जमीन में से पानी निकाला। इसके बाद कभी भी यहां पानी की कमी नहीं हुई है। 

यह शिव मंदिर दक्षिण-द्रविड़ शैली से बना हुआ है जिसे बनने के लिए तकरीबन 39 साल लगे हैं।
इसे एशिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर माना जाता है। मंदिर का शिखर 111 फीट ऊंचा है। मंदिर के शिखर पर स्थित 11 फीट का स्वर्ण कलश इसकी सुंदरता में चार चांद लगा देता है। मंदिर के तीन मंडप है, प्रथम मंडप में श्री गणेश, द्वितीय में श्री विष्णु तथा अंतिम एवं मुख्य मंडप के गर्भ गृह में भगवान शिव की स्फटिक शिवलिंग प्रतिष्ठित है।
स्वामी जी की मूर्ति को कमलासन दिखाया गया है और दीवारों कि नक्काशी सहज ही मन मोह लेती है। मंदिर के निकट ही एक कुंड है जिसके जल को समस्त व्याधियों से मुक्ति देने वाला मना जाता है।
 

सांझा करें:

आपनी पाठशाला की विभिन्न गतिविधियों को आप मेल से भेजे ताकि साझा किया जा सके । आप यहां तक आए आपका आभार। कृपया लेख पर टिप्‍पणी अवश्‍य करें हमें प्रोत्‍साहन मिलेगा।

0 comments:

Post a Comment

 
stats counter
आपके पधारने का आभार